kya pata kya tha udhar aur kya na tha | क्या पता क्या था उधर और क्या न था

  - Sabir Adeeb
क्यापताक्याथाउधरऔरक्याथा
क़दमिरादीवारसेऊँचाथा
ज़ेहनमुर्दाजिस्मबे-हिसबे-लिबास
मैंनेवोदेखाहैजोदेखाथा
भागताफिरताहूँअपने-आपसे
ऐसाभीहोगाकभीसोचाथा
मल्गजेबिगड़ेसेचेहरेहरतरफ़
ज़िंदगीपहलेतुझेदेखाथा
मसअलेकुछलिखगयादीवारपर
एकदीवानाजोदीवानाथा
उसकीलाखोंमेंयहीपहचानथी
क़ब्रपरउसकीकोईकतबाथा
जिसनेजोमाँगाउसेवोदेदिया
ख़ुदाक्यामैंतिराबंदाथा
  - Sabir Adeeb
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy