raaz-e-ulfat bataa gaya koi | राज़-ए-उल्फ़त बता गया कोई

  - Sabir Abuhari
राज़-ए-उल्फ़तबतागयाकोई
मुझकोजीनासिखागयाकोई
मेरेदिलमेंसमागयाकोई
उजड़ीबस्तीबसागयाकोई
अपनाजल्वादिखागयाकोई
नूर-ओ-निकहतलुटागयाकोई
किश्त-ए-वीराँथीज़िंदगीमेरी
रश्क-ए-जन्नतबनागयाकोई
एकआलमहैवज्दमेंगोया
ऐसानग़्मासुनागयाकोई
हमभीक़ाइलथेज़ब्तकेलेकिन
खोएऐसेकिपागयाकोई
मस्तरहताहूँबे-पिए'साबिर'
मुझकोऐसीपिलागयाकोई
  - Sabir Abuhari
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