adoo ho gaya aadmi aadmi ka | अदू हो गया आदमी आदमी का

  - Sabir Abuhari
अदूहोगयाआदमीआदमीका
अजबदौरहैयेनईरौशनीका
उलझतेहैंनस्ली-तनाफ़ुरमेंइंसाँ
मिटाकररखदेंयेनामआदमीका
बसइकसाँसहैआएआएआए
भरोसानहींहैकोईज़िंदगीका
कुदूरतकोछोड़ोमोहब्बतबढ़ाओ
येदुनियाहैमेलाघड़ीदोघड़ीका
फ़रिश्तोंसेनिस्बतमुझेदेनेवालो
नहींजानतेतुममक़ामआदमीका
ग़म-ए-ला-ज़वालइकअताकरकेमुझको
अदाकरदियातूनेहक़दोस्तीका
जोसाक़ीकीख़ातिरहीपीलूँतोपीलूँ
नहींशौक़वर्नामुझेमय-कशीका
बड़ीचीज़हैमेहर-ओ-उल्फ़तभी'साबिर'
इसीमेंहैपोशीदागौहरख़ुशीका
  - Sabir Abuhari
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