kis ko bataate kis se chhupaate suraagh-e-dil | किस को बताते किस से छुपाते सुराग़-ए-दिल

  - Sabeela Inam Siddiqui
किसकोबतातेकिससेछुपातेसुराग़-ए-दिल
चुपसाधलीहैज़ख़्मदिखायादाग़-ए-दिल
कैसेकरेंबयानग़म-ए-जाँकीदास्ताँ
काशगुलखिलाएहमारायेबाग़-ए-दिल
गुज़रेहमारीज़ीस्तकेअय्यामइसतरह
लबरेज़आँसुओंसेहैगोयाअयाग़-ए-दिल
जबराखबनगएतोकहायेहरीफ़ने
जलजलकेवोजलातेरहेहैंचराग़-ए-दिल
जिससेमिलेतवीलज़मानागुज़रगया
शायदउसीकेज़ेहनमेंहोकुछसुराग़-ए-दिल
चाहतकीअबतोकोईभीहसरतनहींरही
सरसब्ज़उसकीयादसेफिरभीहैबाग़-ए-दिल
रखतीनहीं'सबीला'कभीऐबपरनज़र
मसरूफ़प्यारमेंरहाइसकाफ़राग़-ए-दिल
  - Sabeela Inam Siddiqui
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