k | कभी तो दिल का कहा दिल से वो सुनेगा ही

  - Sabeela Inam Siddiqui
कभीतोदिलकाकहादिलसेवोसुनेगाही
येक़तरासंगमेंसूराख़तोकरेगाही
वोमेरेहाथसेबरसातकेज़मानेमें
पकौड़ेखाएगाऔरचायभीपिएगाही
सुहानीशामकिसीदिल-नशींवादीमें
वोदोहीसाथसाथचलेचलेगाही
अभीयेसोचकेमैंज़ुल्मसहतीजातीहूँ
कभीतोहाथतिरेज़ुल्मकारुकेगाही
येदाग़-ए-दिलनहींजोछुपसकेछुपानेसे
बदनकाज़ख़्महैअबख़ूनतोबहेगाही
असीरसबहैंफ़नाकेहिसारमेंलेकिन
ख़ुदाकीयादसेबेहतरसिलामिलेगाही
शुऊ'रसेहीबशरचाँदपरभीपहुँचाहै
ज़मानाइल्मकीदौलतसेतोबढ़ेगाही
कोईग़ुरूरमेंएलान-ए-ख़ुद-सरीकरले
ख़ुदाकेसामनेआख़िरकोसरझुकेगाही
'सबीला'तेरेहक़ीक़तबयानकरनेसे
जहाँपेराज़-ए-जुनूँएकदिनखुलेगाही
  - Sabeela Inam Siddiqui
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