aankhoñ men vo aayen to hansaate hain mujhe KHvaab | आँखों में वो आएँ तो हँसाते हैं मुझे ख़्वाब

  - Sabeela Inam Siddiqui
आँखोंमेंवोआएँतोहँसातेहैंमुझेख़्वाब
हररोज़नएबाग़दिखातेहैंमुझेख़्वाब
अबप्यारकेमौसमकाहैआग़ाज़यक़ीनन
नग़्मातनएख़ूबसुनातेहैंमुझेख़्वाब
होनींदपेछायाहुआजबफ़िक्रकाबादल
इकसैरनईसम्तकरातेहैंमुझेख़्वाब
उसज़ीस्तकीतल्ख़ीसेतोअच्छीहैमिरीनींद
तितलीकभीफूलोंसेमिलातेहैंमुझेख़्वाब
इकदर्दकाएहसासजगानेकेलिएही
फूलोंकीतरहख़ारकेआतेहैंमुझेख़्वाब
मिलतेहैंदुखानेकोमिरादिलहीकईलोग
फिरदर्दकेसहरामेंसुलातेहैंमुझेख़्वाब
वोलोग'सबीला'केजोबिछड़ेहैंसफ़रमें
अक्सरउन्हींकीयाददिलातेहैंमुझेख़्वाब
  - Sabeela Inam Siddiqui
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