thii apne aap men aatish-fishaan hawa koi | थी अपने आप में आतिश-फ़िशाँ हवा कोई

  - Sabahat Asim
थीअपनेआपमेंआतिश-फ़िशाँहवाकोई
लगीथीआगकिसीकोमकाँजलाकोई
चलेजोथामकेकाँधेवोफ़ाएदेमेंरहे
किसीनेखाईभीठोकरअगरगिराकोई
येबाग़बाँकेहुनरकाकमालथाशायद
किसीकाबीजलगायाशजरउगाकोई
तमामजिस्मबरहनालगेथेजबनिकला
पहनकेबेश-बहाख़ुशनुमाक़बाकोई
अबइससेबढ़केभीमेआ'र-ए-अद्लक्याहोगा
किसीकेजुर्मकीपानेलगासज़ाकोई
नहींहैनग़्मा-ए-हस्तीतोसाज़-ए-मर्गसही
मियान-ए-शहर-ए-ख़मोशाँउठेसदाकोई
बनाहैमेरीतमाज़तसेआबअब्रमगर
मिरेहीखेतपेबरसीनहींघटाकोई
उन्हींकेजिस्मपे'आसिम'थेबे-शुमारनिशाँ
क़बापेजिनकीथादाग़-ए-बद-नुमाकोई
  - Sabahat Asim
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