husn jo rang khizaan men hai vo pahchaan gaya | हुस्न जो रंग ख़िज़ाँ में है वो पहचान गया

  - Saba Akbarabadi
हुस्नजोरंगख़िज़ाँमेंहैवोपहचानगया
फ़स्ल-ए-गुलजामिरेदिलसेतिराअरमानगया
तूख़ुदावंद-ए-मोहब्बतहैमैंपहचानगया
दिलसाज़िद्दीतिरीनज़रोंकाकहामानगया
आइना-ख़ानासेहोताहुआहैरानगया
ख़ुद-फ़रामोशहुआजोतुम्हेंपहचानगया
अबतोमय-ख़ाना-ए-उल्फ़तमेंचलाआयाहूँ
उससेक्याबहसरहायामेराईमानगया
अपनेदिलसेभीछुपानेकीथीकोशिशक्याक्या
वोमिराहाल-ए-मोहब्बतजिसेतूजानगया
हैयहीहुक्मतोतामीलकरेंगेसाहब
करेंगेतुम्हेंहमयादजोदिलमानगया
छिनगयाकैफ़बहकतेहुएकम-ज़र्फ़ोंमें
मय-कदेसेभीगयामैंतोपरेशानगया
मिलाचैनकिसीहालमेंमजबूरोंको
मुस्कुराएतोहरइकशख़्सबुरामानगया
अपनीरौमेंजोबहाएलिएजाताथाहमें
वोज़मानावोतमन्नाओंकातूफ़ानगया
झुककेचूमीजोज़मींउसकीगलीकीहमने
कुफ़्रचीख़ाकिसँभालोमिराईमानगया
तीलियाँख़ूनसेतरदेखींक़फ़सकीजो'सबा'
अपनीसूखीहुईआँखोंपेमिराध्यानगया
  - Saba Akbarabadi
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