इसरंगमेंअपनेदिल-ए-नादाँसेगिलाहै
जैसेहमेंकुलआलम-ए-इम्काँसेगिलाहै
किसआँखनेसमझामिरीबे-बाल-ओ-परीसे
जोकुछमुझेदीवार-ए-गुलिस्ताँसेगिलाहै
आख़ंजर-ए-दिलदारमिरेदिलकोसुनादे
शायदतुझेकुछमेरीरग-ए-जाँसेगिलाहै
छोड़ाहैकहाँसाथमिरेदस्त-ए-जुनूँका
कम-माएगी-ए-दामन-ए-इम्काँसेगिलाहै
कहतेहैंबसउतनीहीतिरीताब-ए-यक़ींथी
हैकुफ़्रसेशिकवामिरेईमाँसेगिलाहै
इकलफ़्ज़-ए-तसल्लीमिरेहिस्सेमेंनआया
ऐज़ौक़-ए-समाअतलब-ए-जानाँसेगिलाहै
मिलजातीहैजाँक़र्ज़मगरमयनहींमिलती
बेगानगी-ए-बादा-फ़रोशाँसेगिलाहै
ईमानकापिंदारलिएफिरताहूँहरसू!
येभीउसीग़ारत-गर-ए-ईमाँसेगिलाहै
कैसेदिल-ए-तन्हानेबनाएहैंमुख़ातब
दीवारोंसेशिकवादर-ए-ज़िंदाँसेगिलाहै
कहतेहैं'सबा'चाँदनीगुलशनकीनदेखे
उसशख़्सकोअरबाब-ए-गुलिस्ताँसेगिलाहै