tujh se daaman-kashaan nahin hooñ main | तुझ से दामन-कशाँ नहीं हूँ मैं

  - Saba Akbarabadi
तुझसेदामन-कशाँनहींहूँमैं
ज़मींआसमाँनहींहूँमैं
कारवाँमेरेबादआएगा
गर्दहूँकारवाँनहींहूँमैं
फैलसकताहूँछानहींसकता
रौशनीहूँधुआँनहींहूँमैं
नाज़हैमुझपेमेरेसानेको
ज़हमत-ए-राएगाँनहींहूँमैं
जुज़्वहूँएकजावेदाँकुलका
हाँअगरजावेदाँनहींहूँमैं
अपनीतक़दीरपरयक़ीननहीं
आपसेबद-गुमाँनहींहूँमैं
दर-ओ-बस्त-ए-चमनकोक्याजानूँ
फूलहूँबाग़बाँनहींहूँमैं
ज़िंदगीपरबहारहैमुझसे
ज़िंदगीकीख़िज़ाँनहींहूँमैं
यानिगाह-ए-तलबहूँयाजल्वा
पर्दा-ए-दरमियाँनहींहूँमैं
सोचनेदीजिएमआल-ए-वफ़ा
आपसेसरगिराँनहींहूँमैं
मौतसेछेड़-छाड़जारीहै
ज़ीस्तकानौहा-ख़्वाँनहींहूँमैं
आशियाँक्याबनाऊँगुलशनमें
क़ाबिल-ए-आशियाँनहींहूँमैं
ग़म-ए-सब्र-आज़मासुनले
क़ाबिल-ए-इम्तिहाँनहींहूँमैं
यूसुफ़ोंकाहैकारवाँमिरेसाथ
यूसुफ़-ए-कारवाँनहींहूँमैं
मैं'सबा'आहभीनहींकरता
आश्ना-ए-फ़ुग़ाँनहींहूँमैं
  - Saba Akbarabadi
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