अश्क-बारीनहींफ़ुर्क़तमेंशरर-बारीहै
आँखमेंख़ूनकाक़तराहैकिचिंगारीहै
हरनफ़सज़ीस्तगुज़रजानेकाग़मतारीहै
मौतकाख़ौफ़भीइकरूहकीबीमारीहै
बावजूदे-किमोहब्बतकोईज़ंजीरनहीं
फिरभीदिलकोमिरेएहसास-ए-गिरफ़्तारीहै
कुछइसअंदाज़सेउसनेग़म-ए-फ़ुर्क़तबख़्शा
जैसेयेभीकोईइनआम-ए-वफ़ादारीहै
ग़म-ए-ख़ामोशकोबे-वज्हतसल्लीदेना
दिल-नवाज़ीकीयेसूरतभीदिल-आज़ारीहै
रोज़हालातबदलतेहैंब-शर्त-ए-तौफ़ीक़
ज़ीस्तमजमूआ-ए-आसानीओदुश्वारीहै
जागनाइश्क़मेंहरएककीतक़दीरनहीं
नींदक़ुर्बानहोजिसपरयेवोबेदारीहै
कीमिरेहाथसेयूँँनज़्र-ए-बहारउसनेक़ुबूल
जैसेयेफूलनहींहैकोईचिंगारीहै
इकतग़ाफ़ुलसेहुआइश्क़कादिलकोएहसास
उसकीग़फ़लतकानतीजामिरीहुश्यारीहै
यूँँभीआराइश-ए-पैहममेंउलझताहैकोई
येख़ुद-आराईहैदेखोकिख़ुद-आज़ारीहै
मातम-ए-इश्क़सेफ़ुर्सतनहींमिलतीहै'सबा'
रोज़-ओ-शबअपनीउमीदोंकोअज़ा-दारीहै