saamne un ko paaya to ham kho ga.e aaj phir hasrat-e-guftugoo rah gaii | सामने उन को पाया तो हम खो गए आज फिर हसरत-ए-गुफ़्तुगू रह गई

  - Saba Afghani
सामनेउनकोपायातोहमखोगएआजफिरहसरत-ए-गुफ़्तुगूरहगई
उनसेकहनाथारूदाद-ए-शाम-ए-अलमदिलकीदिलहीमेंयेआरज़ूरहगई
ग़मकेसाँचेमेंइकइकनफ़सढलगयाउनकीमहफ़िलमेंयेदौरभीचलगया
अश्कपीनेसेमानाकिदिलजलगयाज़ब्त-ए-ग़मकीमगरआबरूरहगई
तेरेनक़्श-ए-क़दमभीमिलेजा-ब-जातेरीमहफ़िलतिराआस्ताँभीमिला
हाँमगरतूकिसीकोनहींमिलसकाहोकेनाकामहरजुस्तुजूरहगई
दिलमेंदाग़ोंकाजबसेहैइकगुलिस्ताँछिनगईहैंबहारोंसेरंगीनियाँ
अबगुलोंमेंवोपहलीसीनिकहतकहाँआरज़ीरौनक़-ए-रंग-ओ-बूरहगई
नाज़थाहमकोजिनपरउन्हींकीक़समवोभीउल्फ़तमेंनिकलेसाबित-क़दम
बे-कसीकेअँधेरेमेंशाम-ए-ग़मएकहमरहगएएकतूरहगई
अल्लाहअल्लाहतिरेहुस्नकीइकझलकरौशनीहोगईअज़-ज़मीं-ता-फ़लक
एकबिजलीसीलहराईकुछदूरतकफिरठहरकरमिरेरू-ब-रूरहगई
आँखसेआँखऔरदिलसेदिलजबमिलाजानेउनकीनिगाहोंनेक्याकरदिया
मेरीआँखोंमेंउसरोज़से'सबा'खिंचकेतस्वीर-ए-जाम-ओ-सुबूरहगई
  - Saba Afghani
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