gulshan ki faqat phoolon se nahin kaanton se bhi zeenat hoti hai | गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं काँटों से भी ज़ीनत होती है

  - Saba Afghani
गुलशनकीफ़क़तफूलोंसेनहींकाँटोंसेभीज़ीनतहोतीहै
जीनेकेलिएइसदुनियामेंग़मकीभीज़रूरतहोतीहै
हरशाम-ओ-सहरक़ुर्बांजिसपरदुनिया-ए-मसर्रतहोतीहै
वोपैकर-ए-राहतक्याजानेकैसीशब-ए-फ़ुर्क़तहोतीहै
वाइज़-ए-नादाँकरताहैतूएकक़यामतकाचर्चा
याँरोज़निगाहेंमिलतीहैंयाँरोज़क़यामतहोतीहै
करनाहीपड़ेगाज़ब्त-ए-अलमपीनेहीपड़ेंगेयेआँसू
फ़रियाद-ओ-फ़ुग़ाँसेनादाँतौहीन-ए-मोहब्बतहोतीहै
वोपुर्सिश-ए-ग़मकोआएहैंकुछकहसकूँचुपरहसकूँ
ख़ामोशरहूँतोमुश्किलहैकहदूँतोशिकायतहोतीहै
दोस्तजुदाईमेंतेरीकुछऐसेभीलम्हेआतेहैंसजोंपेभीतड़पाकरताहूँकाँटोंपेभीराहतहोतीहै
जोकेरुकेदामनपे'सबा'वोअश्कनहींहैपानीहै
जोअश्कछलकेआँखोंसेउसअश्ककीक़ीमतहोतीहै
  - Saba Afghani
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