हुआहैआजक्याघरमेंहरइकसामानबिखराहै
उधरख़ुश्बूपड़ीहैऔरइधरगुलदानबिखराहै
मुहब्बतक्याहैयेजानामगरजानायेमरकरही
लिपटकरवोकफ़नसेकिसतरहबेजानबिखराहै
यहींमैंदफ़्नहूँआऔरउठाकरदेखलेमिट्टी
मेरीपहचानबिखरीहैमेराअरमानबिखराहै
मुझेरुस्वाइयोंकाग़मनहींग़महैतोयेग़महै
लबोंपरबे-ज़ुबानोंकेतेराएहसानबिखराहै
ग़ज़लकेवास्तेमैंफिरनईपोशाकलायाहूँ
अलगयेबातपुर्ज़ोंमेंमेरादीवानबिखराहै