hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Saarthi Baidyanath
dukh ki baarish hai aur aise men
dukh ki baarish hai aur aise men | दुख की बारिश है और ऐसे में
- Saarthi Baidyanath
दुख
की
बारिश
है
और
ऐसे
में
सब्र
कच्चे
मकान
वाला
है
- Saarthi Baidyanath
Download Sher Image
मैं
क्या
बताऊँ
वो
कितना
क़रीब
है
मेरे
मेरा
ख़याल
भी
उसको
सुनाई
देता
है
वो
जिसने
आँख
अता
की
है
देखने
के
लिए
उसी
को
छोड़
के
सब
कुछ
दिखाई
देता
है
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
83 Likes
लो
आज
हमने
तोड़
दिया
रिश्ता-ए-उम्मीद
लो
अब
कभी
गिला
न
करेंगे
किसी
से
हम
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
50 Likes
मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
Send
Download Image
37 Likes
एक
भी
उम्मीद
की
चिट्ठी
इधर
आती
नहीं
हो
न
हो
अपने
समय
का
डाकिया
बीमार
है
Kunwar Bechain
Send
Download Image
51 Likes
किसी
पे
करना
नहीं
ए'तिबार
मेरी
तरह
लुटा
के
बैठोगे
सब्र-ओ-क़रार
मेरी
तरह
Fareed Parbati
Send
Download Image
27 Likes
तूफ़ान
की
उम्मीद
थी
आँधी
नहीं
आई
वो
आप
तो
क्या
उस
की
ख़बर
भी
नहीं
आई
शायद
वो
मोहब्बत
के
लिए
ठीक
नहीं
था
शायद
ये
अँगूठी
उसे
पूरी
नहीं
आई
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
35 Likes
यूँँ
ही
बस
वो
मुझको
छोड़
के
सब
सेे
मिलता
रहता
है
बच्चा
भी
तो
ग़लत
किताबें
रख
लेता
है
बस्ते
में
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
20 Likes
जनम
दिन
पर
घड़ी
दी
थी
उन्होंने
हमें
उम्मीद
थी
वो
वक़्त
देंगे
Harsh saxena
Send
Download Image
22 Likes
कुछ
इस
सलीक़े
से
माथे
पे
उसने
होंट
रखे
बदन
को
छोड़
के
सारी
थकन
को
चूम
लिया
Harsh saxena
Send
Download Image
5 Likes
न
कोई
वा'दा
न
कोई
यक़ीं
न
कोई
उमीद
मगर
हमें
तो
तिरा
इंतिज़ार
करना
था
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
31 Likes
Read More
ज़िन्दगी
तुझ
सेे
शिकायत
क्या
करूँँ
मुस्कुराने
की
है
आदत
क्या
करूँँ
चाँद
सा
महबूब
मेरे
पास
है
मैं
सितारों
से
मोहब्बत
क्या
करूँँ
आख़िरी
अंजाम
सबको
है
पता
रौशनी
तेरी
हिफ़ाज़त
क्या
करूँँ
जाएगी
अब
इस
ज़ईफ़ी
में
कहाँ
शा'इरी
की
ये
बुरी
लत
क्या
करूँँ
दफ़्न
कर
दूँ
या
जला
दूँ
बोलिए
'सारथी'
का
आख़िरी
ख़त
क्या
करूँँ
Read Full
Saarthi Baidyanath
Download Image
1 Like
मुझे
मालूम
है
इतना
कि
तुम
सब
जानते
हो
मगर
तुम
पूछते
हो
क्यूँँ
मुझे
ये
जानना
है
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
0 Likes
सारथी
नींदें
न
ज़ाया'
कीजिए
रतजगा
करके
कहाँ
होती
ग़ज़ल
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
1 Like
कहने
को
जब
बात
ज़रूरी
होती
है
उस
दम
दिल
की
नामंजूरी
होती
है
दिल
की
धरती
बंजर
है
जाने
कब
से
जाने
क्यूँँ
बरसात
अधूरी
होती
है
इक
दूजे
के
आँसू
पोंछ
नहीं
सकते
मजबूरी
आख़िर
मजबूरी
होती
है
Read Full
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
2 Likes
शाइरों
के
ऐब
सारे
शा'इरी
में
छुप
गए
शा'इरी
की
ख़ूबियों
में
एक
ख़ूबी
ये
भी
है
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Dhoop Shayari
Maikada Shayari
Beti Shayari
Basant Shayari
Shajar Shayari