mile ghairoon se mujh ko ranj o gham yuñ bhi hai aur yuñ bhi | मिले ग़ैरों से मुझ को रंज ओ ग़म यूँँ भी है और यूँँ भी

  - Saail Dehlvi
मिलेग़ैरोंसेमुझकोरंजग़मयूँँभीहैऔरयूँँभी
वफ़ा-दुश्मनजफ़ा-जूकासितमयूँँभीहैऔरयूँँभी
कहींवामिक़कहींमजनूँरक़मयूँँभीहैऔरयूँँभी
हमारेनामपरचलताक़लमयूँँभीहैऔरयूँँभी
शब-ए-वादावोजाएँआएँमुझकोबुलवालें
इनायतयूँँभीहैऔरयूँँभीकरमयूँँभीहैऔरयूँँभी
उदूलिक्खेमुझेनामातुम्हारीमोहरउसकाख़त
जफ़ायूँँभीहैऔरयूँँभीसितमयूँँभीहैऔरयूँँभी
ख़ुदआएँबुलवाएँशिकायतक्यूँँलिखभेजूँ
इनायतकीनज़रमुझपरकरमयूँँभीहैऔरयूँँभी
येमस्जिदहैयेमय-ख़ानातअज्जुबइसपरआताहै
जनाब-ए-शैख़कानक़्श-ए-क़दमयूँँभीहैऔरयूँँभी
तुझेनव्वाबभीकहतेहैंशाइरभीसमझतेहैं
ज़मानेमेंतिरा'साइल'भरमयूँँभीहैऔरयूँँभी
  - Saail Dehlvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy