khizaan ka jo gulshan se pad jaa.e paala | ख़िज़ाँ का जो गुलशन से पड़ जाए पाला

  - Saail Dehlvi
ख़िज़ाँकाजोगुलशनसेपड़जाएपाला
तोसेहन-ए-चमनमेंगुलहोलाला
लियातेरे'आशिक़नेबरसोंसँभाला
बहुतकरगयामरनेवालाकसाला
पए-फ़ातेहाहाथउठावेगाकोई
सर-ए-तुर्बत-ए-बेकसाँआनेवाला
इसीगिर्याकेतारसेमेरीआँखें
बनादेंगीनद्दीबहादेंगीनाला
बिठाकरतुम्हेंशम्अ'केपासदेखा
तुमआँखोंकीपुतलीवोघरकाउजाला
ख़त-ए-शौक़कोपढ़केक़ासिदसेबोले
येहैकौनदीवानाख़तलिखनेवाला
दियाहुक्मसाक़ीकोपीर-ए-मुग़ाँने
पय-ए-मुहतसिबजाम-ओ-मीनाउठाला
येसुनतेहीमय-ख़्वारबोलेख़ुशीसे
हमींसाहैयेनेकअल्लाहवाला
हक़ीक़तमें'साइल'नेज़ौक़-ए-अदबसे
जहाँतकउछालागयानामउछाला
  - Saail Dehlvi
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