अमानतमोहतसिबकेघरशराब-ए-अर्ग़वाँरखदी
तोयेसमझोकिबुनियाद-ए-ख़राबात-ए-मुग़ाँरखदी
कहूँक्यापेश-ए-ज़ाहिदक्यूँँशराब-ए-अर्ग़वाँरखदी
मिरीतौफ़ीक़जोकुछथीबराएमेहमाँरखदी
यहाँतकतोनिभायामैंनेतर्क-ए-मय-परस्तीको
किपीनेकोउठालीऔरलींअंगड़ाइयाँरखदी
जनाब-ए-शैख़मय-ख़ानेमेंबैठेहैंबरहना-सर
अबउनसेकौनपूछेआपनेपगड़ीकहाँरखदी
तुम्हेंपर्वानहोमुझकोतोजिंस-ए-दिलकीपर्वाहै
कहाँढूँडूँकहाँफेंकीकहाँदेखूँकहाँरखदी
लगालेंगेउसेअहल-ए-वफ़ाबे-शुबहआँखोंसे
अगरपा-ए-अदूपरउसनेख़ाक-ए-आस्ताँरखदी
इधरपरनोचकरडालाक़फ़समेंउफ़रेबेदर्दी
उधरइकजलतीचिंगारीमियान-ए-आशियाँरखदी
ज़मीरउसकाडुबोदेगाउसेआब-ए-ख़जालतमें
वफ़ादारीकीतोहमतग़ैरपरक्यूँँबद-गुमाँरखदी
हवसमस्तीकी'साइल'कोनहींकाफ़ीहैथोड़ीसी
प्यालेमेंअगरपस-ख़ुर्दा-ए-पीर-ए-मुग़ाँरखदी