suna bhi k | सुना भी कभी माजरा दर्द-ओ-ग़म का किसी दिल-जले की ज़बानी कहो तो

  - Saail Dehlvi
सुनाभीकभीमाजरादर्द-ओ-ग़मकाकिसीदिल-जलेकीज़बानीकहोतो
निकलआएँआँसूकलेजापकड़लोकरूँँअर्ज़अपनीकहानीकहोतो
तुम्हेंरंग-ए-मयशैख़मर्ग़ूबक्याहैगुलाबीहोयाज़ा'फ़रानीकहोतो
पिलाएकोईसाक़ी-ए-हूर-पैकरमुसफ़्फ़ाकशीदापुरानीकहोतो
तमन्ना-ए-दीदारहैहसरत-ए-दिलकितुमजल्वा-फ़रमाहोमैंआँखेंसेकूँ
कहदेनामूसासेजैसेकहाथामिरीअर्ज़परलन-तरानीकहोतो
वफ़ा-पेशा'आशिक़नहींदेखातुमनेमुझेदेखलोजाँचलोआज़मालो
तुम्हारेइशारेपेक़ुर्बानकरदूँअभीमाया-ए-ज़िंदगानीकहोतो
कहाँमैंकहाँदास्ताँकातक़ाज़ामिरेज़ब्त-ए-दर्द-ए-निहाँकाहैकहना
फिरउसपरयेताकीदभीहैबराबरकहनापुरानीकहानीकहोतो
मिरेनामा-ए-शौक़कीसत्रमेंहैजगहइकजोसादावोमोहमलनहींहै
मैंहोजाऊँख़िदमतमेंहाज़िरअभीख़ुदबतानेकोइसकेमआ'नीकहोतो
  - Saail Dehlvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy