dil men ho gar khwaahish-e-tasveer-e-ibrat dekhna | दिल में हो गर ख़्वाहिश-ए-तस्वीर-ए-इबरत देखना

  - Saadat Bandvi
दिलमेंहोगरख़्वाहिश-ए-तस्वीर-ए-इबरतदेखना
ख़ुश-नसीबीबाँटनेवालोंकीक़िस्मतदेखना
दोस्तोंऔरदुश्मनोंकेदरमियाँरहकरतोदेख
तुझकोजाएगाफ़र्क़-ए-नूर-ओ-ज़ुल्मतदेखना
क्याक़यामतसेडरेंहमलोगतोवोहैंजिन्हें
पड़रहाहैरोज़हीरोज़-ए-क़यामतदेखना
मुफ़लिसीकेदिनहैंऔरबरसातकीआमदकाशोर
मशग़लासाबनगयाटूटीहुईछतदेखना
ऐसेमौक़ोंपरजबआएँज़िंदगीमेंमुश्किलें
जिनकीजानिबदेखनाहोभूलकरमतदेखना
'सआदत'जोनसीहतकरतेहोऔरोंकोतुम
इसनसीहतकोकभीअपनीभीबाबतदेखना
  - Saadat Bandvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy