ye mat bhula ki yahaañ jis qadar ujaale hain | ये मत भुला कि यहाँ जिस क़दर उजाले हैं

  - Saadat Bandvi
येमतभुलाकियहाँजिसक़दरउजालेहैं
येआदमीनेअँधेरोंसेहीनिकालेहैं
पूछक्यूँँहैयेरंग-ए-ग़ज़लमेंतब्दीली
येदेखसीना-ए-शाइ'रमेंकितनेछालेहैं
लिबास-ए-सब्र-ओ-तहम्मुलजोहमहैंपहनेहुए
अबइसकेलगताहैबख़ियेउधड़नेवालेहैं
तवक़्क़ुआ'तवहीआजभीहैंयारोंसे
किअबभीयारसभीआस्तीनवालेहैं
ख़मोशकाँपतेमोहरेलरज़रहाहैबिसात
जानेकौनसीवोचालचलनेवालेहैं
येक्यासितमहैकिउनकोभीमैंबड़ालिक्खूँ
जोलोगआजबड़ेकारोबारवालेहैं
ख़ुदाकरेकि'सआदत'तुम्हेंसुझाईदें
जोमेरेशे'रोंमेंमफ़्हूमकेउजालेहैं
  - Saadat Bandvi
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