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Raj Tiwari
ye fazaa ki gard-o-ghubaar men tu zara si dhool uchaal de
ye fazaa ki gard-o-ghubaar men tu zara si dhool uchaal de | ये फ़ज़ा की गर्द-ओ-ग़ुबार में तू ज़रा सी धूल उछाल दे
- Raj Tiwari
ये
फ़ज़ा
की
गर्द-ओ-ग़ुबार
में
तू
ज़रा
सी
धूल
उछाल
दे
कोई
पूछे
क्या
है
ये
ज़िंदगी
उसे
इस
तरह
तू
मिसाल
दे
जो
चला
गया
वो
चला
गया
नहीं
आएगा
कभी
लौटकर
मेरा
मश्वरा
है
तू
मान
ले
उसे
दिल
से
अपने
निकाल
दे
- Raj Tiwari
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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हाए
क्या
दौर-ए-ज़िंदगी
गुज़रा
वाक़िए
हो
गए
कहानी
से
Gulzar Dehlvi
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मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
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Avtar Singh Jasser
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वो
मेरी
ज़िन्दगी
का
आख़िरी
ग़म
था
उसी
ने
मुझको
ख़ुश
रहना
सिखाया
है
Sapna Moolchandani
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जब
से
हुआ
है
कंधे
से
बस्ते
का
बोझ
कम
बढ़ते
ही
जा
रहे
हैं
मेरी
ज़िंदगी
में
ग़म
Ankit Maurya
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गँवाई
किस
की
तमन्ना
में
ज़िंदगी
मैं
ने
वो
कौन
है
जिसे
देखा
नहीं
कभी
मैं
ने
Jaun Elia
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जो
गुज़ारी
न
जा
सकी
हम
से
हम
ने
वो
ज़िन्दगी
गुज़ारी
है
Jaun Elia
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कुछ
दिन
से
ज़िंदगी
मुझे
पहचानती
नहीं
यूँँ
देखती
है
जैसे
मुझे
जानती
नहीं
Anjum Rehbar
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जुदा
हुए
हैं
बहुत
लोग
एक
तुम
भी
सही
अब
इतनी
बात
पे
क्या
ज़िंदगी
हराम
करें
Nasir Kazmi
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शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
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Kunwar Bechain
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शाख
से
टूट
के
पत्ते
हवा
की
ओर
चले
जिस
तरह
टूटे
हुए
दिल
ख़ुदा
की
ओर
चले
Raj Tiwari
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मुस्कुराता
हुआ
इक
चेहरा
हमें
याद
आया
शीशा
देखा
तो
कोई
अपना
हमें
याद
आया
Raj Tiwari
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वक़्त
के
साथ
चलने
वाले
लोग
दो
क़दम
ज़िंदगी
से
आगे
हैं
Raj Tiwari
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मसअला
क्या
है
ज़िंदगी
के
साथ
ख़्वाब
है
आँखों
में
नमी
के
साथ
एक
तस्वीर
मैं
ने
खींची
कल
मैं
था
तस्वीर
में
परी
के
साथ
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Raj Tiwari
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किसी
को
उस
नज़र
से
देखना
भी
इक
ख़ता
माना
जुनून-ए-इश्क़
में
महबूब
को
हम
ने
ख़ुदा
माना
Raj Tiwari
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