sisakti rut ko mahakta gulaab kar dooñga | सिसकती रुत को महकता गुलाब कर दूँगा

  - Rahat Indori
सिसकतीरुतकोमहकतागुलाबकरदूँगा
मैंइसबहारमेंसबकाहिसाबकरदूँगा
मैंइंतिज़ारमेंहूँतूकोईसवालतोकर
यक़ीनरखमैंतुझेला-जवाबकरदूँगा
हज़ारपर्दोंमेंख़ुदकोछुपाकेबैठमगर
तुझेकभीकभीबे-नक़ाबकरदूँगा
मुझेभरोसाहैअपनेलहूकेक़तरोंपर
मैंनेज़ेनेज़ेकोशाख़-ए-गुलाबकरदूँगा
मुझेयक़ीनकिमहफ़िलकीरौशनीहूँमैं
उसेयेख़ौफ़किमहफ़िलख़राबकरदूँगा
मुझेगिलासकेअंदरहीक़ैदरखवर्ना
मैंसारेशहरकापानीशराबकरदूँगा
महाजनोंसेकहोथोड़ाइंतिज़ारकरें
शराब-ख़ानेसेकरहिसाबकरदूँगा
  - Rahat Indori
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