mohabbaton ki masafat se kat ke dekhte kya | मोहब्बतों की मसाफ़त से कट के देखते क्या

  - Rafique Khayal
मोहब्बतोंकीमसाफ़तसेकटकेदेखतेक्या
मुसाफ़िर-ए-शब-ए-हिज्राँपलटकेदेखतेक्या
सुरूर-ए-इश्क़मेंगुमहोगएथेहमदोनों
हवा-ए-दामन-ए-शबसेलिपटकेदेखतेक्या
तिलिस्म-ए-याररगपयमेंढलरहाथा,हम
नशातग़मकेसहीफ़ेउलटकेदेखतेक्या
बहार-ए-नौकोजनमदेरहीथीवस्लकीशब
हमआफ़ियतकीरुतोंमेंसिमटकेदेखतेक्या
थासैल-ए-हसरत-ए-दिलदुश्मन-ए-हयातमगर
रह-ए-बक़ाभीउसीमेंथीहटकेदेखतेक्या
  - Rafique Khayal
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