faani kahaan hai hasti-e-faani ka shor bhi | फ़ानी कहाँ है हस्ती-ए-फ़ानी का शोर भी

  - Rafiq Raaz
फ़ानीकहाँहैहस्ती-ए-फ़ानीकाशोरभी
शामिलहैइसमेंनक़्ल-ए-मकानीकाशोरभी
हस्सासहूँऔरइसपेवोशिद्दतकीप्यासहै
सुनताहूँअबसराबमेंपानीकाशोरभी
ऐसासुकूतथाकिसुनाईदियामुझे
हर्फ़-ए-तहीमेंमौज-ए-मआनीकाशोरभी
बे-बर्ग-ओ-बारपेड़सेरहतेहैंदूरदूर
रह-गीरभीहवा-ए-ख़िज़ानीकाशोरभी
ख़ाकिस्तर-ए-बदनमेंसुलगतीहैकोईचीज़
बुझतानहींअभीयेजवानीकाशोरभी
तेरीग़ज़लपढ़ीतोयेजाना'रफ़ीक़'-राज़
पानीकेशोरमेंहैरवानीकाशोरभी
  - Rafiq Raaz
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