vaqt ki raftaar ko parkha karo | वक़्त की रफ़्तार को परखा करो

  - Rafeeq Anjum
वक़्तकीरफ़्तारकोपरखाकरो
बंदहरझगड़ेकादरवाज़ाकरो
मुँहसेनिकलीबातकीहोगीपकड़
आगेपीछेसोचकरबोलाकरो
सिर्फ़ग़ैरोंकीज़बानेंसीखकर
मशवराहैख़ुदकोमतगूँगाकरो
अहदपूराहीनहींकरनाहैजब
ज़िंदगीभरवा'दा-ए-फ़र्दाकरो
तुमअगरनाज़ाँहोअपनेआपपर
वक़्त-ए-फ़ुर्सतआइनादेखाकरो
शहरकीआख़िरयेहालतकबतलक
अहल-ए-दरभंगाज़रासोचाकरो
हरतरफ़'अंजुम'नएमज़मूनकी
ढेरसीहैंतितलियाँपकड़ाकरो
  - Rafeeq Anjum
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy