munsif ho bhala hukm suna kyuuñ nahin dete | मुंसिफ़ हो भला हुक्म सुना क्यूँ नहीं देते

  - Rafeeq Anjum
मुंसिफ़होभलाहुक्मसुनाक्यूँनहींदेते
मुजरिमहूँअगरमैंतोसज़ाक्यूँनहींदेते
दीवारखड़ीहोगईनफ़रतकीबहर-सू
अरबाब-ए-वफ़ाइसकोगिराक्यूँनहींदेते
वोख़ूगर-ए-दुश्नामजोअफ़्लाक-नशींहैं
औक़ातकभीउनकीबताक्यूँनहींदेते
कुछदेरकेहीवास्तेहोगातोउजाला
इनझोंपड़ोंमेंआगलगाक्यूँनहींदेते
फिरकोईसुनामीकीसदागूँजरहीहै
ख़्वाबीदाहैंजोलोगजगाक्यूँनहींदेते
रटतीरहीबेटेकीजुदाईपेशब-ओ-रोज़
तुमशक्लज़रामाँकोदिखाक्यूँनहींदेते
इससेतोफ़क़तज़ख़्महराहोताहै'अंजुम'
फ़र्सूदाहिकायातभुलाक्यूँनहींदेते
  - Rafeeq Anjum
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