dard ban kar bhi dil-o-jaan men nahin rah paata | दर्द बन कर भी दिल-ओ-जाँ में नहीं रह पाता

  - R P Shokh
दर्दबनकरभीदिल-ओ-जाँमेंनहींरहपाता
वोसँवरताहैतोइम्काँमेंनहींरहपाता
फ़स्ल-ए-गुलझेलकेयूँँजिस्मदरीदातोथा
चाकभीअबतोगरेबाँमेंनहींरहपाता
हम्दकीजेभीतोक्याउसकीकिहैबर्क़-सिफ़त
दोघड़ीदीदा-ए-हैराँमेंनहींरहपाता
कुछतोग़म्ज़ेभीहैंइसदुश्मन-ए-दींकेकाफ़िर
कुछयेदिलभीहैकिईमाँमेंनहींरहपाता
रोज़ीरोटीकेसवालोंमेंघिरारहताहूँ
दिलमेंजोशख़्सहैअरमाँमेंनहींरहपाता
  - R P Shokh
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