sote se vo jaag pada hai | सोते से वो जाग पड़ा है

  - Qamar Siddiqi
सोतेसेवोजागपड़ाहै
ख़्वाबोंकानुक़सानहुआहै
हमभीघरमेंबैठेहैं
रस्ताभीसुनसानपड़ाहै
बच्चेपब-जीखेलरहेहैं
बूढ़ाबरगददेखरहाहै
पारककीसूनीबेंचोंपर
शामकासायाफैलरहाहै
तन्हाईकीगहरीधूपमें
तेरीयादकाफूलखिलाहै
अंदरकरदेखकभीतू
याँपूराइकशहरबसाहै
जीवनया'नीखेल-तमाशा
जितनादेखाउतनाबचाहै
  - Qamar Siddiqi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy