ye khet sabza shajar rahguzar sannaata | ये खेत सब्ज़ा शजर रहगुज़ार सन्नाटा

  - Qamar Siddiqi
येखेतसब्ज़ाशजररहगुज़ारसन्नाटा
उगाहैदूरतलकबे-शुमारसन्नाटा
हमारेख़्वाबकोईऔरदेखलेताहै
हमारीआँखख़लाइंतिज़ारसन्नाटा
वोकुश्ता-ए-रह-ए-सौत-ओ-सदाहुआशायद
वोएकलफ़्ज़थाजिसकाहिसारसन्नाटा
हैलफ़्ज़लफ़्ज़मेंबुझतेमकालमोंकाधुआँ
सुकूत-ए-इश्क़हैयाबे-क़रारसन्नाटा
कभीतोछेड़कोईसाज़कोईनग़्मा-ए-जाँ
कभीतोअपनेबदनसेउतारसन्नाटा
  - Qamar Siddiqi
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