tujh se bichhadunga tire dhyaan men rah jaaunga | तुझ से बिछड़ुँगा तिरे ध्यान में रह जाऊँगा

  - Qamar Raza Shahzad
तुझसेबिछड़ुँगातिरेध्यानमेंरहजाऊँगा
मैंरिहाहोकेभीज़िंदानमेंरहजाऊँगा
वोगुज़रजाएगासौरास्तेकरकेलेकिन
मैंकहींवादा-ओ-पैमानमेंरहजाऊँगा
बाँझपेड़ोंकोकाटेगाकोईदस्त-ए-अजल
मैंकिफलदारहूँनुक़सानमेंरहजाऊँगा
एकलम्हावोपज़ीराईकरेगाऔरमैं
उम्र-भरसाया-ए-एहसानमेंरहजाऊँगा
आगकेफूलतोबुझजाएँगेलेकिन'शहज़ाद'
मैंसुलगताहुआगुल-दानमेंरहजाऊँगा
  - Qamar Raza Shahzad
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