tilism-e-halqa-e-sayyaargaan men kya rahna | तिलिस्म-ए-हल्क़ा-ए-सय्यारगाँ में क्या रहना

  - Qamar Raza Shahzad
तिलिस्म-ए-हल्क़ा-ए-सय्यारगाँमेंक्यारहना
किसीकीसल्तनत-ए-बे-अमाँमेंक्यारहना
अलगजलायाहैअपनाचराग़इसख़ातिर
तमाम-उम्रसफ़-ए-दोस्ताँमेंक्यारहना
न-जानेछीनलेकबहमसेशाहकाकिरदार
फ़रेब-ए-उम्रतिरीदास्ताँमेंक्यारहना
येवक़्तलम्हा-ए-मौजूदकातसलसुलहै
मलाल-ए-ख़्वाहिश-ए-आइंदगाँमेंक्यारहना
अगरवोख़ुर्रम-ओ-आबादहैतोफिर'शहज़ाद'
हमेंभीअबकिसीकार-ए-ज़ियाँमेंक्यारहना
  - Qamar Raza Shahzad
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