yuñ tumhaare na-tawaan-e-shauq manzil bhar chale | यूँँ तुम्हारे ना-तवान-ए-शौक़ मंज़िल भर चले

  - Qamar Jalalvi
यूँँतुम्हारेना-तवान-ए-शौक़मंज़िलभरचले
खाईठोकरगिरपड़ेगिरकरउठेउठकरचले
छोड़करबीमारकोयेक्याक़यामतकरचले
दमनिकलनेभीपायाआपअपनेघरचले
होगयासय्यादबरहमअसीरान-ए-क़फ़स
बंदअबयेनाला-ओ-फ़रियादवर्नापरचले
किसतरहतयकीहैमंज़िलइश्क़कीहमनेपूछ
थकगएजबपाँवतेरानामलेलेकरचले
रहेहैंअश्कआँखोंमेंअबसाक़ीछेड़
बसछलकनेकीकसरबाक़ीहैसाग़रभरचले
जबभीख़ालीहाथथेऔरअबभीख़ालीहाथहैं
लेकेहमदुनियामेंक्याआएथेक्यालेकरचले
हुस्नकोग़मगीनदेखेइश्क़येमुमकिननहीं
रोकलेशम्अआँसूअबपतिंगेमरचले
इसतरफ़भीइकनज़रहमभीखड़ेहैंदेरसे
माँगनेवालेतुम्हारेदरसेझोलीभरचले
'क़मर'शबख़त्महोनेकोहैछोड़ोइंतिज़ार
साहिल-ए-शबसेसितारेभीकिनाराकरचले
  - Qamar Jalalvi
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