ho juda ai chaara-gar hai mujh ko azaar-e-firaq | हो जुदा ऐ चारा-गर है मुझ को आज़ार-ए-फ़िराक़

  - Qalaq Merathi
होजुदाचारा-गरहैमुझकोआज़ार-ए-फ़िराक़
बे-विसालअच्छाहुआभीकोईबीमार-ए-फ़िराक़
शोख़ी-ए-पर्दा-नशींकीइश्वा-साज़ीदेखना
दिलहैबदमस्त-ए-विसालऔरदीदाबेदार-ए-फ़िराक़
एकनालेमेंफिरेगामेहर-ओ-महकोढूँढता
फ़लकमतछेड़मुझकोहूँअज़ा-दार-ए-फ़िराक़
वस्लथीमेरीसज़ाहिज्रइंतिक़ाम-ए-ग़ैरथा
कबहुआख़ू-करदा-ए-हिज्राँगिरफ़्तार-ए-फ़िराक़
कोईकरताहैख़ताऔरकोईपाताहैसज़ा
ग़ैरगुस्ताख़-ए-विसालऔरमैंसज़ा-वार-ए-फ़िराक़
दम-ब-दमबिजलीगिरेयानहर-ए-ख़ूँजारीरहे
इल्तियामइससीनेकाक्याजोहैअफ़गार-ए-फ़िराक़
आँखकबलगतीहैहीलेसेजोतुझसेलगगई
दास्तान-ए-वस्लकबसुनताहैबेदार-ए-फ़िराक़
दाममेंसय्यादकेक्यूँँकिबुलबुलमररहे
दामन-ए-हर-बर्ग-ए-गुलमेंथानिहाँख़ार-ए-फ़िराक़
सौबहारआएमगरजाताहैकोईदाग़-ए-दिल
लाला-ओ-गुलकानहींमुश्ताक़ख़ूँ-बार-ए-फ़िराक़
अब'क़लक़'ठोकरसेतेरीजीचुकामरनेकेबा'द
आश्ना-ए-वस्लकबहोनाज़-बरदार-ए-फ़िराक़
  - Qalaq Merathi
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