aap ke mehram asraar the aghyaar ki ham | आप के महरम असरार थे अग़्यार कि हम

  - Qalaq Merathi
आपकेमहरमअसरारथेअग़्यारकिहम
दिल-ए-ग़मनाककेतुमरहतेथेग़म-ख़्वारकिहम
शिकवा-आलूदनसीहतनहींअच्छीनासेह
आपहैंकुश्ता-ए-बेदाद-ए-सितमगारकिहम
हश्रअगरकहवेमदद-गारहमाराहैकौन
बोलउठेसाफ़तिराफ़ित्ना-ए-रफ़तारकिहम
आपकीशानकासामानकहाँसेआया
यूसुफ़-ए-हुस्नकेथेआपख़रीदारकिहम
हमबुराग़ैरसेमिलनेकोसमझतेथेकितुम
अपनेमतलबकेहैंअग़्यारतलबगारकिहम
हाएबे-रहमी-ए-दिल-दारसेबे-क़दरीजान
ज़ीस्तसेआपहमारीहुएबेज़ारकिहम
जानतेहमहैंबुरारब्तजतानेकोकिग़ैर
होंगेमशहूरहवसनाकतिरेयारकिहम
क़त्लक्याहोकोईख़ंजरमेंनहींतर्ज़-ए-निगाह
दादइश्क़हैजल्लादगुनहगारकिहम
मोहब्बतकीख़बरउसकोहमकोउसकी
सादगीकहतोसहीयारहैअय्यारकिहम
रोज़-ओ-शबमेरेफिरानेकोफिरेजाताहै
चर्ख़हैगर्दिश-ए-बेकारसेनाचारकिहम
होकेपामालठिकानेसेलगीख़ाकअपनी
तूहैआशुफ़्तासर-ए-कूचा-ओ-बाज़ारकिहम
उनकोतुमचाहतेहोआपकोहमचाहतेहैं
लाएक़-ए-रहमहैंफ़रमाइएअग़्यारकिहम
'क़लक़'पाँवज़मींपरनहींरखतामग़रूर
चर्ख़हैख़ाक-ए-दर-ए-हैदर-ए-कर्रारकिहम
  - Qalaq Merathi
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