naqsh-bar-aab naam hai sail-e-fana maqaam | नक़्श-बर-आब नाम है सैल-ए-फ़ना मक़ाम

  - Qalaq Merathi
नक़्श-बर-आबनामहैसैल-ए-फ़नामक़ाम
इसख़ानुमाँ-ख़राबकाक्यानामक्यामक़ाम
हररोज़ताज़ामंज़िलहरशबनयामक़ाम
मोहलतनहींक़यामकीदुनियाहैक्यामक़ाम
जामिलगईजिसेतिरीदीवारकेतले
हैउसकोगोर-ए-तंगभीइकदिल-कुशामक़ाम
डरतेहैंहमतोनामभीलेतेहुएतिरा
तूहीबताकिपूछिएक्यूँँकरतिरामक़ाम
इंसानकीसरिश्तमेंहैउज़्र-ए-लंग-ए-ज़ोफ़
साबितहुआकिदूरहैमुझसेमिरामक़ाम
अंदाज़ाहीग़लतथामगरइम्तियाज़का
या'नीमहल्ल-ए-ग़ैरहीथाआपकामक़ाम
खिलतानहींकभीकभीसाफ़हीरहे
किसतरहहोसुबूतकिदिलहैतिरामक़ाम
वाइ'ज़मुनाज़अतकासबबमुझमेंतुझमेंक्या
मस्जिदतिरामहलहैमिरामय-कदामक़ाम
याँवाँइधरउधरयूँँहीगिर-पड़केकीबसर
मिस्ल-ए-ग़ुबार-ए-राहरहाजा-ब-जामक़ाम
अहल-ए-दैरज़िक्र-ए-हरमतुमसेयाकरें
पूछोबुतोंहीसेकभीकाबाभीथामक़ाम
क्याक्याबयाँजहाँकेकरेंअम्न-ओ-चैनको
उसकेभीदरपेअपनातोमुद्दतरहामक़ाम
क्याजानिए'क़लक़'किइरादाहैअपनाक्या
मतलबसेकुछसफ़रसर-ए-मुद्दआ'मक़ाम
  - Qalaq Merathi
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