ham apni fikr ka chehra badal ke dekhte hain | हम अपनी फ़िक्र का चेहरा बदल के देखते हैं

  - Qaisar Siddiqi
हमअपनीफ़िक्रकाचेहराबदलकेदेखतेहैं
तिलिस्मख़्वाबसेबाहरनिकलकेदेखतेहैं
सुनायेहैकिबहुततेज़गामहोतुमलोग
तुम्हारेसाथज़राहमभीचलकेदेखतेहैं
उठाकेचाँदसितारोंकोसरपेदेखचुके
हमअपनेमाथेपेअबख़ाकमलकेदेखतेहैं
ज़रापतातोचलेहुस्न-ए-अहद-ए-नौक्याहै
नईनिगाहकेसाँचेमेंढलकेदेखतेहैं
नईहयातकीतस्वीरदेखनेवाले
हद-ए-निगाहसेआगेनिकलकेदेखतेहैं
येकैसेदोस्तहैंपूछेतोकोईउनसेज़रा
सँभालतेनहींलेकिनसँभलकेदेखतेहैं
यहाँवहाँतोबहुतजलचुकेमियाँ'क़ैसर'
अबअपनेदिलकीसमाधीपेजलकेदेखतेहैं
  - Qaisar Siddiqi
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