vo jo sab ka bahut chahiita tha | वो जो सब का बहुत चहीता था

  - Qaisar Shameem
वोजोसबकाबहुतचहीताथा
क़ब्रकीसाअ'तोंमेंतन्हाथा
जिसनेदुनियाकोख़ूबदेखाथा
उसकीआँखोंमेंक़हक़हासाथा
रंजक्याख़्वाबकेबिखरनेका
कुछथारेतकाघरौंदाथा
उसकेआँगनमेंरौशनीथीमगर
घरकेअंदरबड़ाअँधेराथा
वोभीपथराकेरहगयाआख़िर
उसकीआँखोंमेंजोसवेराथा
एकपिंजराउदासतन्हाई
उसनेक्याक्याख़ुदासमाँगाथा
शाख़झुलसीहुईथीऔरउसपर
एकसहमाहुआपरिंदाथा
क़हक़होंकीबरातनिकलीथी
दर्दकीचीख़कौनसुनताथा
पुलथाऔरसामनेउसके
एकतूफ़ाँ-ब-दोशदरियाथा
एकख़ुशबूकाबाँटनेवाला
गंदीबस्तीकारहनेवालाथा
दुखमेंआख़िरयेखुलगया'क़ैसर'
नामइकमस्लहतकारिश्ताथा
  - Qaisar Shameem
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