hone lage hain raaste raaste aapas ke takraav bahut | होने लगे हैं रस्ते रस्ते, आपस के टकराव बहुत

  - Qaisar Shameem
होनेलगेहैंरस्तेरस्ते,आपसकेटकरावबहुत
एकसाथकेचलनेवालोंमेंभीहैअलगावबहुत
बहकेबहकेसेबादलहैंक्याजानेयेजाएँकिधर
बदलीहुईहवाओंकाहैउनपरआजदबावबहुत
सोचकाहैयेफेरकियारोपेच-ओ-ख़मकीदुनियामें
ढूँडरहेहोऐसारस्ताजिसमेंनहींघुमावबहुत
अपने-आपमेंउलझीहुईइकदुनियाहैहरशख़्सयहाँ
सुलझेहुएज़ेहनोंमेंभीहैंछुपेहुएउलझावबहुत
मेरेअहदकेइंसानोंकोपढ़लेनाकोईखेलनहीं
ऊपरसेहैमेल-मोहब्बत,अंदरसेहैखिंचावबहुत
  - Qaisar Shameem
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