kahaan hai koi KHuda ka KHuda ke bandon men | कहाँ है कोई ख़ुदा का ख़ुदा के बंदों में

  - Qaisar Shameem
कहाँहैकोईख़ुदाकाख़ुदाकेबंदोंमें
घिराहुआहूँअभीतकअनाकेबंदोंमें
कोईसम्तमुक़र्ररकोईजा-ए-क़रार
हैइंतिशारकाआलमहवाकेबंदोंमें
वोकौनहैजोनहींअपनीमस्लहतकाग़ुलाम
कहाँहैबू-ए-वफ़ाअबवफ़ाकेबंदोंमें
ख़ुदाकरेकिसमाअ'तसेमैंरहूँमहरूम
कभीजोज़िक्रहोमेरारियाकेबंदोंमें
सज़ाएँमेरीतरहहँसकेझेलनेवाला
नहींहैकोईभीअहद-ए-सज़ाकेबंदोंमें
नाआफ़ियतकीसहरहैइम्बिसातकीशाम
हूँएकउम्रसेसहराबलाकेबंदोंमें
सुख़नशनासहैकितनायेपूछलूँ'क़ैसर'
नज़रवोआएजोहर्फ़-ओ-नवाकेबंदोंमें
  - Qaisar Shameem
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy