उबलतेपानियोंमेंहूँकहाँउबालकीतरह
मैंआजभीहूँतह-नशींगुज़िश्तासालकीतरह
दिलोंमेंसबकेचुभरहीहैइकसवालकीतरह
तिरीनिगाह-ए-यासभीहैमेरेहालकीतरह
करूँँगातुझसेगुफ़्तुगूज़राठहरनिमटतोलूँ
खड़ाहैकोईबीचमेंअभीसवालकीतरह
नपूछमुझसेहालदिलकिइनदिनोंहैज़िंदगी
किसीउरूज-ए-दीदाकीशब-ए-ज़वालकीतरह
वोएकयादजोअभीहैदाग़-ए-दिलबनीहुई
फिसलनजाएज़ेहनसेकिसीख़यालकीतरह
नपूछ'क़ैसर'-ए-हज़ींअजीबसीवोचीज़है
बिछीहुईहैशहरमेंजोएकजालकीतरह