हूँमैंपरवानामगरशम्अतोहोराततोहो
जानदेनेकोहूँमौजूदकोईबाततोहो
दिलभीहाज़िरसर-ए-तस्लीमभीख़मकोमौजूद
कोईमरकज़होकोईक़िबला-ए-हाजाततोहो
दिलतोबेचैनहैइज़हार-ए-इरादतकेलिए
किसीजानिबसेकुछइज़हार-ए-करामाततोहो
दिल-कुशाबादा-ए-साफ़ीकाकिसेज़ौक़नहीं
बातिन-अफ़रोज़कोईपीर-ए-ख़राबाततोहो
गुफ़्तनीहैदिल-ए-पुर-दर्दकाक़िस्सालेकिन
किससेकहिएकोईमुस्तफ़्सिर-ए-हालाततोहो
दास्तान-ए-ग़म-ए-दिलकौनकहेकौनसुने
बज़्ममेंमौक़ा-ए-इज़हार-ए-ख़यालाततोहो
वादेभीयाददिलातेहैंगिलेभीहैंबहुत
वोदिखाईभीतोदेंउनसेमुलाक़ाततोहो
कोईवाइ'ज़नहींफ़ितरतसेबलाग़तमेंसिवा
मगरइंसानमेंकुछफ़हम-ए-इशाराततोहो