munharif mujh se ik zamaana hai | मुन्हरिफ़ मुझ से इक ज़माना है

  - Qaisar Nizami
मुन्हरिफ़मुझसेइकज़मानाहै
बद-नसीबीकाक्याठिकानाहै
बहकीजातीहैचश्म-ए-ज़ाहिदभी
हरअदातेरीवालेहानाहै
क्यूँँजबींअबहैमाइल-ए-सज्दा
क्यायहींउनकाआस्तानाहै
ज़र्फ़-ए-मय-कशकोताड़लेतीहै
चश्म-ए-साक़ीकाक्याठिकानाहै
वालियान-ए-चमननहींवाक़िफ़
बर्क़-आसाहरआशियानाहै
अबतोरुस्वाइयाँयक़ीनीहैं
उनकेलबपरमिराफ़सानाहै
सू-ए-काबाचलेतोहो'क़ैसर'
राहमेंइकशराब-ख़ानाहै
  - Qaisar Nizami
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