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Praveen Bhardwaj
dil men ab koi harkat nahin hain
dil men ab koi harkat nahin hain | दिल में अब कोई हरकत नहीं हैं
- Praveen Bhardwaj
दिल
में
अब
कोई
हरकत
नहीं
हैं
हमें
इश्क़
करने
की
फुरसत
नहीं
हैं
आदमी
माना
जाए
तो
काफ़ी
होगा
हमें
ख़ुदा
बनने
की
हसरत
नहीं
हैं
- Praveen Bhardwaj
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फ़ुज़ूल-ख़र्ची
नहीं
करेंगे
Rehman Faris
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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मैं
चीख़ता
रहा
कुछ
और
भी
है
मेरा
इलाज
मगर
ये
लोग
तुम्हारा
ही
नाम
लेते
रहे
Anjum Saleemi
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उसको
जो
कुछ
भी
कहूँ
अच्छा
बुरा
कुछ
न
करे
यार
मेरा
है
मगर
काम
मेरा
कुछ
न
करे
दूसरी
बार
भी
पड़
जाए
अगर
कुछ
करना
आदमी
पहली
मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
न
करे
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Abid Malik
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जुदा
हुए
हैं
बहुत
लोग
एक
तुम
भी
सही
अब
इतनी
बात
पे
क्या
ज़िंदगी
हराम
करें
Nasir Kazmi
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उसके
अच्छे
शे'र
नहीं
भाते
हमको
जो
अच्छा
इंसान
नहीं
बन
पाता
है
Tanoj Dadhich
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ये
लोग
कौन
हैं
आख़िर
कहाँ
से
आते
हैं
जो
जिस्म
नोच
के
फिर
बेटियाँ
जलाते
हैं
Shajar Abbas
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अच्छों
से
पता
चलता
है
इंसाँ
को
बुरों
का
रावन
का
पता
चल
न
सका
राम
से
पहले
Rizwan Banarasi
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इसी
लिए
तो
यहाँ
अब
भी
अजनबी
हूँ
मैं
तमाम
लोग
फ़रिश्ते
हैं
आदमी
हूँ
मैं
Bashir Badr
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तलब
करें
तो
ये
आँखें
भी
इन
को
दे
दूँ
मैं
मगर
ये
लोग
इन
आँखों
के
ख़्वाब
माँगते
हैं
Abbas rizvi
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इक
तू
था
तो
थे
मेरे
भी
साहिल
इक
तू
नइँ
तो
अब
दरिया
भी
नइँ
हूँ
Praveen Bhardwaj
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तेरी
मर्ज़ी
थी
तू
चाहे
जो
बना
देता
मेरा
लेकिन
तूने
आदमी
तोड़
कर
पत्थर
नहीं
बनाना
था
Praveen Bhardwaj
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हमें
इस
बात
का
दुख
था
तुम्हें
किस
बात
का
दुख
है
तुम्हें
उस
बात
का
दुख
था
हमें
जिस
बात
का
दुख
है
Praveen Bhardwaj
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अगर
कुछ
बच
गया
है
तो
जला
दो
लगाओ
आग
दिल
में
और
सज़ा
दो
हमीं
पर
चल
रही
हैं
चारा-साज़ी
दवा
तो
मिल
रही
है
बस
दु'आ
दो
कहेगा
क्या
ज़माना
ये
न
सोचो
अभी
भी
चाहते
हो
तो
बता
दो
बराबर
जुर्म
है
ये
भी
समझ
लो
गले
पर
हाथ
डालो
या
दबा
दो
कभी
ख़्वाहिश
दिलों
की
मत
दबाना
अगर
थोड़ी
बची
हो
तो
हवा
दो
अगर
सच
कह
रहे
हो
तो
न
डरना
सभी
को
आइना
आओ
दिखा
दो
ये
कैसी
यार
बातें
कर
रहे
हो
हमें
तुम
रोक
लो
या
रास्ता
दो
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Praveen Bhardwaj
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नहीं
वो
मैं
नहीं
जिसको
मिला
हैं
सब
सेे
ज़्यादा
घाव
किसी
के
दिल
निकाले
गए
किसी
की
जान
ले
ली
गई
Praveen Bhardwaj
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