agar magar men hain zindagi jee nahin rahe hain | अगर मगर में हैं, ज़िन्दगी जी नहीं रहे हैं

  - Abuzar kamaal
अगरमगरमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
किसीसफ़रमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
गलादबाताहैकमराचीखेंघुटनबनीहैं
तुम्हारेघरमेंहैंज़िन्दगी,जीनहींरहेहैं
चराग़बुझनेपेजिस्मकरतेशदीदउजाला
सियाह-तरमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
बितायाबचपन,चड़ीजवानी,बुढापाटेंशन
हमइसपहरमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
बदलूमंज़िलहोरहमेंदमतोड़नागँवारा
ता-बा-जिगरमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
येसोचकरकेतमामकोशिशसुकूनआए
गुज़रबसरमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
कमालवोलोगकैसेख़ानाख़राबहोंगे
अज़ीज़-तरमेंहैं,ज़िन्दगीजीनहींरहेहैं
  - Abuzar kamaal
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