jo baahar hai | जो बाहर है

  - Abuzar kamaal
जोबाहरहै
वोभीतरहै
कुछमतढूँढो
दिलखंडरहै
जाँलेनीथी
क्याख़ंजरहै..?
तुमअंदरहो
दिलबाहरहै
तनहाईयाँ
घर-ब-घरहै
नग़्मा-गरकी
आखेंतरहै
लिखनेमेंहम
पेशेवरहै
हमजैसेतो
चुटकीभरहै
वोलडकीही
चारा-गरहै
बाहरहमहैं
घरशौहरहै
तकिएदोहैं
इक़चादरहै
येमातमभी
बसशबभरहै
  - Abuzar kamaal
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