samundar men khade ho ro rahe ho | समुंदर में खड़े हो रो रहे हो

  - Parveen Kumar Ashk
समुंदरमेंखड़ेहोरोरहेहो
येकैसीमैलीचादरधोरहेहो
येदुनियामसअलाअल्लाहकाहै
येमिट्टीसरपेतुमक्यूँँढोरहेहो
हमारेआँसुओंकेजुगनुओंसे
सितारोक्यूँँपरेशाँहोरहेहो
समुंदरकोदिखाकरआगअबक्यूँँ
दु'आकीबारिशोंकोरोरहेहो
जहाँपुरखोंकेसज्दोंकेनिशाँहैं
वोगलियाँख़ूनसेक्यूँँधोरहेहो
सुनाहोगाहमाराहादसाभी
हमारेशहरमेंतुमतोरहेहो
नहींगरजान-ए-जाँतोदुश्मन-ए-जाँ
हमारीजानकेकुछतोरहेहो
तुम्हेंतोख़ूबहँसनाचाहिए'अश्क'
हमारेहालपरतुमरोरहेहो
  - Parveen Kumar Ashk
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