barf se ladta tha mere paas paani kyun nahin | बर्फ़ से लड़ता था मेरे पास पानी क्यूँँ नहीं

  - Parveen Kumar Ashk
बर्फ़सेलड़ताथामेरेपासपानीक्यूँँनहीं
अबसवालउठताहैदरियामेंरवानीक्यूँँनहीं
दास्ताँपढ़करमिरीअख़बारमेंरोताहैवो
केसुनतादुखमिरामेरीज़बानीक्यूँँनहीं
मैंतिराबे-ख़्वाबबच्चामाँबतामेरेलिए
कोईलोरीक्यूँँनहींकोईकहानीक्यूँँनहीं
डूबनाचाहूँगातोख़ुश्कीमेंहोजाऊँगाग़र्क़
मैंपूछूँगाकभीदरियामेंपानीक्यूँँनहीं
मेराक़दऊँचाहैलेकिनबा-हुनरवोभीतोहैं
शहरकेबोलोंपेतेरीमेहरबानीक्यूँँनहीं
पासउसकेपैसाबंगलेगाड़ियाँशोहरतभीहै
'अश्क'जीवोशख़्सफिरभीख़ानदानीक्यूँँनहीं
  - Parveen Kumar Ashk
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