hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Parveen Kaif
kya hai shakk-ul-qamar nazeer to hai
kya hai shakk-ul-qamar nazeer to hai | क्या है शक़्क़-उल-क़मर नज़ीर तो है
- Parveen Kaif
क्या
है
शक़्क़-उल-क़मर
नज़ीर
तो
है
चाँद
के
दरमियाँ
लकीर
तो
है
सोच
सकती
हूँ
सच
न
कह
पाऊँ
मुझ
में
जुरअत
न
हो
ज़मीर
तो
है
वो
किसी
की
नज़र
नहीं
न
सही
दिल
में
पैवस्त
इक
तीर
तो
है
है
वही
काएनात
की
बुनियाद
गो
वो
इक
ज़र्रा-ए-हक़ीर
तो
है
रौशनी
माँगता
है
सूरज
से
चाँद
इक
कासा-ए-फ़क़ीर
तो
है
'कैफ़'
का
जो
भी
हो
अदब
में
मक़ाम
लहजा
परवीन
बे-नज़ीर
तो
है
- Parveen Kaif
Download Ghazal Image
झूट
वाले
कहीं
से
कहीं
बढ़
गए
और
मैं
था
कि
सच
बोलता
रह
गया
Waseem Barelvi
Send
Download Image
41 Likes
या'नी
तुम
वो
हो
वाक़ई
हद
है
मैं
तो
सच-मुच
सभी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
170 Likes
हमारी
ज़िंदगी
में
क्या
नया
है
वही
होता
है
जो,
वो
हो
रहा
है
ज़रा
दुनिया
का
अपनी
हाल
देखो
ज़रा
सोचो
कोई
सच-मुच
ख़ुदा
है?
Read Full
Shaad Imran
Send
Download Image
34 Likes
ख़ुशरंग
नज़र
आता
है
जाज़िब
नहीं
लगता
माहौल
मेरे
दिल
से
मुख़ातिब
नहीं
लगता
मैं
भी
नहीं
हर
शे'र
में
मौजूद
ये
सच
है
ग़ालिब
भी
हर
इक
शे'र
में
ग़ालिब
नहीं
लगता
Read Full
Obaid Azam Azmi
Send
Download Image
20 Likes
तू
तो
सच
में
ही
झूठा
निकला
यारा
तू
तो
कहता
था
हम
मिलते
रहेंगे
Vicky Kumar Rajak
Send
Download Image
0 Likes
मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
5 Likes
पूछती
है
सच
बताएँ,
गर
किसी
से
इश्क़
है
सच
तो
यह
है,
हाँ
मुझे
अब
हर
किसी
से
इश्क़
है
फिर
रहा
है
बेटी
के
रिश्ते
के
ख़ातिर
क्यूँ
वो
बाप
पूछ
लेता
काश,
ऐ
दुख़्तर,
किसी
से
इश्क़
है
Read Full
Adnan Ali SHAGAF
Send
Download Image
4 Likes
अगर
सच
इतना
ज़ालिम
है
तो
हम
से
झूट
ही
बोलो
हमें
आता
है
पतझड़
के
दिनों
गुल-बार
हो
जाना
Ada Jafarey
Send
Download Image
23 Likes
कुछ
रिश्तों
में
दिल
को
आज़ादी
नइँ
होती
कुछ
कमरों
में
रौशनदान
नहीं
होता
है
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
43 Likes
सच
घटे
या
बढ़े
तो
सच
न
रहे
झूट
की
कोई
इंतिहा
ही
नहीं
Krishna Bihari Noor
Send
Download Image
36 Likes
Read More
हया
तो
उस
से
शरमाती
बहुत
है
पड़ोसन
मेरी
इतराती
बहुत
है
वो
घर
में
चैन
से
रहती
है
कम-कम
मगर
छत
पर
नज़र
आती
बहुत
है
नहीं
सुनती
किसी
की
अपने
आगे
समझती
कम
है
समझाती
बहुत
है
करे
है
गुफ़्तुगू
सरगोशियों
में
मगर
ज़ेवर
तो
खनकाती
बहुत
है
बड़ी
संजीदा
बनती
है
वो
लेकिन
मियाँ
से
छुप
के
मस्तानी
बहुत
है
मिरे
अल्लाह
उस
की
गोद
भर
दे
वो
तन्हा
लोरियाँ
गाती
बहुत
है
Read Full
Parveen Kaif
Download Image
0 Likes
कुछ
मैं
कह
बैठूँ
ख़ुदा-न-ख़्वास्ता
मौलवी
साहब
ख़ुदा
का
वास्ता
याद
आती
है
तो
भर
आता
है
दिल
ज़िंदगी
की
महफ़िलें
बर्ख़ास्ता
चाँदी
सोना
दो
मगर
हों
बेटियाँ
ज़ेवर-ए-ता'लीम
से
आरास्ता
अपनी
ठोकर
पर
है
ख़्वाबों
का
सफ़र
कौन
सी
मंज़िल
कहाँ
का
रास्ता
चाँद
तारे
दिल
जलाने
आए
हैं
शाम-ए-ग़म
आरास्ता
पैरास्ता
Read Full
Parveen Kaif
Download Image
0 Likes
चाँद
पर
क्यूँ
मैं
अकेली
जाती
साथ
कोई
तो
सहेली
जाती
आओ
मिल-जुल
के
सहें
हिज्र
की
धूप
मुझ
से
तन्हा
नहीं
झेली
जाती
बोलना
मुझ
से
न
तुम
बंद
करो
हर
तरफ़
बात
है
फैली
जाती
हम
अगर
अक़्ल
को
दरबाँ
करते
हाथ
से
दिल
की
हवेली
जाती
हाए
संदल
के
दरख़्तों
की
ये
राख
जान
ख़ुशबू
की
न
ले
ली
जाती
बन
तो
सकता
था
नया
इक
कमरा
अपने
आँगन
की
चमेली
जाती
प्यास
जाती
न
अगर
साहिल
पर
क्यूँ
समुंदर
में
अकेली
जाती
चाँद
झाँके
जो
किचन
में
'परवीन'
मुझ
से
रोटी
नहीं
बेली
जाती
Read Full
Parveen Kaif
Download Image
0 Likes
घूँट
पानी
के
सोंधे
सोंधे
थे
जब
वो
मिट्टी
के
आब-ख़ोरे
थे
आँच
भी
ख़ुश-गवार
देते
थे
कल
जो
वो
धी
में
धी
में
चूल्हे
थे
डाल
से
कैरियाँ
जो
गिरती
थीं
पाल
में
कच्चे
आम
पकते
थे
सर
उठा
कर
इमारतों
ने
कहा
वो
कोई
घर
थे
या
घरौंदे
थे
हाए
'परवीन'
ये
जदीद
फ़्लैट
इन
से
अच्छे
तो
कल
के
दड़बे
थे
Read Full
Parveen Kaif
Download Image
0 Likes
अब्र-ए-रहमत
घरों
पे
रहते
थे
जब
दुपट्टे
सरों
पे
रहते
थे
वो
भी
पर्दा-दरों
में
शामिल
हैं
पर्दे
जिन
के
दरों
पे
रहते
थे
आज
के
ताजवर
हैं
जो
कल
तक
वक़्त
की
ठोकरों
पे
रहते
थे
उन
की
किरचों
से
पावँ
ज़ख़्मी
हैं
होंट
जो
साग़रों
पे
रहते
थे
रक़्स
करते
थे
हम
भी
लेकिन
हाँ
मरकज़ों
महवरों
पे
रहते
थे
हम
को
रहना
पड़ा
वहाँ
'परवीन'
दिल
जहाँ
ख़ंजरों
पे
रहते
थे
Read Full
Parveen Kaif
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Duniya Shayari
Death Shayari
Aanch Shayari
Patang Shayari
Dushmani Shayari