chaand par kyuuñ main akeli jaati | चाँद पर क्यूँ मैं अकेली जाती

  - Parveen Kaif
चाँदपरक्यूँमैंअकेलीजाती
साथकोईतोसहेलीजाती
आओमिल-जुलकेसहेंहिज्रकीधूप
मुझसेतन्हानहींझेलीजाती
बोलनामुझसेतुमबंदकरो
हरतरफ़बातहैफैलीजाती
हमअगरअक़्लकोदरबाँकरते
हाथसेदिलकीहवेलीजाती
हाएसंदलकेदरख़्तोंकीयेराख
जानख़ुशबूकीलेलीजाती
बनतोसकताथानयाइककमरा
अपनेआँगनकीचमेलीजाती
प्यासजातीअगरसाहिलपर
क्यूँसमुंदरमेंअकेलीजाती
चाँदझाँकेजोकिचनमें'परवीन'
मुझसेरोटीनहींबेलीजाती
  - Parveen Kaif
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy