तुम्हाराज़ौक़-ए-परस्तिशमुझेअज़ीज़मगर
मैंइसज़मीनकीमिट्टीमुझेख़ुदानकहो
तुम्हारेसाथअगरदो-क़दमभीचलनसकूँ
तोख़स्ता-पाहूँमुझेमुजरिम-ए-वफ़ानकहो
येएकपलकीधड़कतीहयातभीहैबहुत
तमाम-उम्रकेइसरोगकोबुरानकहो
इसएकख़ौफ़सेलबसीलिएतुम्हारेहुज़ूर
किहर्फ़-ए-शौक़कोइज़हार-ए-मुद्दआनकहो
येबे-रुख़ीकागिलामुझसेपहलेख़ुदसेकरो
उसेनिगाहकायक-तरफ़ाफ़ैसलानकहो
गुज़रतेवक़्तकेमरहमसेभरनजाएकहीं
इसएकज़ख़्मकोचाहतकीइंतिहानकहो
मैंएकज़िंदाहक़ीक़तहूँएकपलहीसही
तुम्हाराअक्सहूँतुमतोमुझेफ़नानकहो